परिचय
टिश एस. (स्त्रीलिंग सर्वनाम) ने ‘९० दशक के उत्तरार्ध में फ़ैनफ़िक्शन पढ़ना शुरू किया जब कई लेखक अपने स्वयं के वेबपेज रखते थे या विशिष्ट फ़ैंडमों के समाचार-समूह में पोस्ट करते थे, जिससे नवीन फ़ैंडमों को खोजना बहुत कठिन होता था। २०१० के उत्तरार्ध में Archive of Our Own – AO3 (हमारा अपना संग्रह) का पता लगाने से उनकी पढ़ने की आदतों में बदलाव आया और उनके द्वारा अनुगमित फ़ैंडमों की संख्या प्रारम्भिक दो से आगे बढ़ी। उन्होंने IT और सॉफ़्ट्वेर कंपनियों में तकनीकी सहायता से लेकर खाता व परियोजना प्रबंधन, प्रशिक्षण, ज्ञानधार प्रशासन, और अन्य प्रणाली प्रशासन भूमिकाओं तक विभिन्न क्षमताओं में काम किया है। २०१३ में सम्प्रदाय को प्रत्यर्पण करने के लिए और संभाविक व्यवसाय-परिवर्तन हेतु अतिरिक्त अनुभव इकट्ठा करने के लिए उन्होंने परीक्षक के रूप में स्वयंसेवक कार्य करने का निर्णय लिया। हालाँकि उस अनुभव की ज़रूरत आख़िरकार नहीं पड़ी, वे OTW (परिवर्तनकारी कार्य हेतु संगठन) के लिए स्वयंसेवक बने रहने में आनंद लेती हैं, और Open Doors (खुले दरवाज़े) के साथ वे आयात सहायक के रूप में जुड़कर बाद में परामर्शदाता बनीं।
मंच
१. आपने निदेशक मंडल के निर्वाचन में उम्मीदवार बनने का निर्णय क्यों लिया?
२०२२ तक, जब निदेशक मंडल के पात्रता मापदंड सभी स्वयंसेवकों को शामिल करने के लिए विस्तारित किए गए, मैं उम्मीदवार बनने के लिए उपयुक्त नहीं थी। लेकिन यह समय आगे बढ़ने का सही समय प्रतीत होता है, विशेष रूप से पिछले दो सालों से इसके लिए योग्य होने के बाद। मैं OTW के प्रतीकत्व में असीम विश्वास रखती हूँ और उस सम्प्रदाय को प्रत्यर्पण करना चाहती हूँ जिसने मुझे इतना कुछ दिया है। मैंने पारदर्शिता और कार्य-सम्बंधित तनाव को घटाने में वर्तमान निदेशक मंडल की प्रगति देखी है, और मैं उस महत्वपूर्ण काम को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना चाहती हूँ।
२. आप निदेशक मंडली में कैसा कौशल/अनुभव लाएँगी?
अपनी व्यावसायिक आजीविका के दौरान मैंने परस्पर-विरोधी लक्ष्यों वाली कई टीमों के साथ काम करने की क्षमता विकसित की है। मैं आयोजना और प्राथमिकता में एक दृढ़ कौशल पेश करती हूँ, जो जटिल परियोजनाओं के संचालन में और विकट कार्यों की दक्ष पूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करता है। मैं समस्याओं को बाहरी परिप्रेक्ष्य से देखने में निपुण हूँ और विभिन्न टीमों की आवश्यकताओं को पूर्ण करने वाले सामान्य समाधान निकाल सकती हूँ। असमीप अंतर्राष्ट्रीय सहकर्मियों के साथ काम करने के मेरे अनुभव ने मुझे भिन्न समयरेखाओं और संस्कृतियों के बीच स्पष्ट संचार व सहयोग का महत्व सिखाया है। विस्तृत और संदर्भ-समृद्ध प्रारम्भिक संचार किसी भी विलंब को टालने में मदद करता है और सुनिश्चित करता है कि सबके पास उनके आवश्यकतानुसार सभी जानकारी शुरुआत से ही प्राप्त हो। इसके अतिरिक्त, मैं समझती हूँ कि टीमें, प्रक्रियाएँ, साधन, और आवश्यकताएँ समय के साथ बदलती हैं, और मैं व्यक्तियों और संगठनों दोनों को इन बदलावों के अनुकूलन में मदद करने में प्रवीण हूँ।
३. OTW के लिए एक या दो लक्ष्य चुनिए जो आपके लिए महत्वपूर्ण हैं और जिनकी ओर आप अपनी अवधि के दौरान काम करना चाहेंगी। आप इन लक्ष्यों को महत्व क्यों देती हैं? इन्हें हासिल करने के लिए आप दूसरों के साथ किस प्रकार काम करेंगी?
प्रलेखन सुधारने के हमारे अविरत कार्य को मैं आगे बढ़ाना चाहूँगी। उचित प्रलेखन संगठनात्मक ज्ञान के संरक्षण के लिए और किसी के संगठन या समिति छोड़कर जाने पर मूल्यवान जानकारी की क्षति को प्रतिबंधित करने के लिए अनिवार्य है। यह निरंतरता सुनिश्चित करता है और प्रक्रियाओं, निर्णयों, और ऐतिहासिक संदर्भ का एक अभिलेख क़ायम रखता है। एक-साथ काम करने से हम विस्तृत प्रलेखन निर्मित कर सकते हैं जो महत्वपूर्ण जानकारी और सामान्य परिचालन प्रक्रियाओं को सुरक्षित करता है। नियमित समीक्षा और अद्यतन आवश्यक होंगे, जिसमें सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के लिए सभी टीमों की प्रतिक्रियाओं को शामिल करना अनिवार्य होगा। इससे नए स्वयंसेवकों की ज्ञानप्राप्ति अधिक सुलभ और कम संसाधन-गहन बनेगी, क्योंकि उनके पास संदर्भ के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश और संसाधन होंगे।
हमारे प्रारम्भिक प्रशिक्षण को सुधारना एक अन्य लक्ष्य जिसे मैं महत्वपूर्ण समझती हूँ, जो सम्भवतः विशिष्ट समितियों से अलग एक टीम द्वारा करवाया जा सकता है। मैं विश्वास रखती हूँ कि समिति-अज्ञेयवादी प्रशिक्षण नए स्वयंसेवकों को विशिष्ट समिति कार्य प्रारम्भ करने से पहले इस संगठन, इसकी नीतियों, और इसकी संरचना के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करने में निर्णायक हो सकता है। व्यक्तिगत समितियों से बाहर प्रारम्भिक प्रशिक्षण का कुछ भाग संचालित करने से हम नए स्वयंसेवकों को इस संगठन का एक सामान्य अवलोकन पेश कर सकते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि उन सभी को वही मूलभूत जानकारी प्राप्त हो। यह तरीक़ा न केवल स्वयंसेवकों को अधिक तौर पर एकीकृत और सूचित अनुभव करने में मदद करता है, बल्कि समितियों का कार्यभार कुछ काम भी करता है, ताकि वे अधिक विशिष्ट प्रशिक्षण पर ध्यान दे सकें। इस प्रारम्भिक प्रशिक्षण के मानकीकरण से हम संगठन में स्थिरता और तालमेल सुनिश्चित कर सकते हैं, जिससे स्वयंसेवकों को मार्ग ढूँढने और प्रभावशाली योगदान देने में आसानी होगी। मैं हर टीम के प्रशिक्षण प्रक्रियाओं और उनके अधिव्यापनों को समझने के लिए हर टीम के साथ व्यक्तिगत रूप से काम करना चाहूँगी, और एक टीम के निर्माण हेतु कार्य करना चाहूँगी, चाहे वह पूर्णतः भिन्न हो या मौजूदा पर्यवेक्षकों को शामिल कर निर्मित हो (या इन विकल्पों का कोई संयोजन) जो प्रारंभिक प्रशिक्षण के साथ सहायता प्रदान करते हों।
४. OTW की परियोजनाओं का आपका क्या अनुभव रहा है और आप उपयुक्त समितियों के साथ उन परियोजनाओं को सहारा देने और प्रबल करने के लिए किस प्रकार काम करेंगी? परियोजनाओं की श्रेणियाँ शामिल करने का प्रयास करें, हालाँकि आप किसी विशिष्ट परियोजनाओं पर बेझिझक महत्व डाल सकती हैं जिनके साथ आपका अनुभव हो।
इस संगठन में मेरे सम्पूर्ण समय के दौरान मैंने कई परियोजनाओं के बारे में पढ़कर और अन्य स्वयंसेवकों के प्रत्यक्ष अनुभवों को सुनकर उनके साथ कड़ी जोड़ी है। मैं लोगों की आवश्यकताओं और इच्छाओं के बारे में उनसे सुनने पर प्राथमिकता डालना चाहूँगी, और वहाँ सहायता पहुँचाना चाहूँगी जहाँ उसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। विभिन्न समितियों की आवश्यकताओं को संतुलित करना बेहद महत्वपूर्ण है, और मैं यह सुनिश्चित करने का हर प्रयास करूँगी कि हर समिति को उसके आवश्यकतानुसार सही समय पर सहारा मिले। मेरा सबसे विस्तृत अनुभव AO3 के साथ रहा है जहाँ पाठक और स्वयंसेवक के रूप में मेरे समय दौरान मुझमें इस मंच के लिए एक गहन अभिमुल्यन विकसित हुई है। इसके अतिरिक्त, मुझे फ़ैनलोर के अन्वेषण से विभिन्न फ़ैंडमों के इतिहास और उनके विकास के बारे में अधिक सीखने में बड़ी दिलचस्पी है।
५. आप अपनी निदेशक-मंडल के कार्यभार को OTW में अन्य भूमिकाओं के साथ कैसे संतुलित करेंगी, या निदेशक-मंडल के कार्यभार पर ध्यान देने हेतु आप अपनी वर्तमान भूमिकाओं को किस प्रकार सौंपने की योजना रखती हैं?
मेरे वर्तमान कार्यभार को अतिरिक्त निदेशक मंडल की ज़िम्मेदारियों के साथ संतुलित करना प्रबंधनीय है, क्योंकि मेरा कार्यभार अनुकूलनीय है और विशिष्ट रूप से मुझे नहीं सौंपा गया है। यदि कार्यभार अपरिहार्य बन जाता है, तब मैं समिति अध्यक्षों के साथ कार्यों को पुनर्विभाजित करने के लिए तैयार हों और कम-से-कम प्रशिक्षण अवधि के दौरान अपनी परामर्शदाता भूमिका से अवकाश लेने के बारे में विचार कर सकती हूँ। इसके अतिरिक्त, मेरी नौकरी पूर्णतः दूरवर्ती है जो मेरे समय और प्रतिबद्धताओं को सम्भालने में अधिकतर अनुकूलनीयता प्रदान करती है। यह अनुकूलनीयता सुनिश्चित करती है कि मैं अपनी वर्तमान कर्तव्यों और निदेशक-मंडल के सदस्य के रूप में मेरी ज़िम्मेदारियों दोनों को आवश्यक ध्यान और श्रम समर्पित कर सकूँ।